Thursday, 5 January 2017

Monday, 2 January 2017


                   जानिए किस ग्रह के लिए कौन सा मंत्र जपना चाहिए...


                                 सूर्य चंद्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनि राहु केतु 

  
शास्त्रों में बताई गई विधि से मोर पंख को स्थापित किया जाए तो घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और कुंडली के सभी नौ ग्रहों के दोष भी शांत होते हैं।
उपाय- यदि आप कुंडली में स्थित ग्रहों के बुरे प्रभाव दूर करना चाहते हैं या आपको सूर्य, मंगल, शनि या राहु-केतु की अशुभ स्थिति के कारण परेशानियां आती हों तो मोर पंख पर 21 बार मंत्र बोलकर पानी के छीटें दीजिए। इसके बाद मोर पंख को घर में किसी श्रेष्ठ स्थान पर स्थापित कीजिए।
यहां जानिए किस ग्रह के लिए कौन सा मंत्र जपना चाहिए...

सूर्य के लिए उपाय

रविवार के दिन नौ मोर पंख लेकर आएं और पंख के नीचे मैरून रंग का धागा बांध लें। इसके बाद एक थाली में पंखों के साथ नौ सुपारियां रखें, गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें।
मंत्र- ऊँ सूर्याय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
इसके बाद दो नारियल सूर्य भगवान को अर्पित करें।

चंद्र के लिए उपाय

सोमवार को आठ मोर पंख लेकर आएं, पंख के नीचे सफेद रंग का धागा बांध लें। इसके बाद एक थाली में पंखों के साथ आठ सुपारियां भी रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें।
ऊँ सोमाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- पान के पांच पत्ते चंद्रमा को अर्पित करें। बर्फी का प्रसाद चढ़ाएं।

मंगल के लिए उपाय

मंगलवार को सात मोर पंख लेकर आएं, पंख के नीचे लाल रंग का धागा बांध लेँ। इसके बाद एक थाली में पंखों के साथ सात सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें...
ऊँ भू पुत्राय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- पीपल के दो पत्तों पर चावल रखकर मंगल ग्रह को अर्पित करें। बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।

बुध के लिए उपाय

बुधवार को छ: मोर पंख लेकर आएं। पंख के नीचे हरे रंग का धागा बांध लें। एक थाली में पंखों के साथ छ: सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें।
ऊँ बुधाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- जामुन बुद्ध ग्रह को अर्पित करें। केले के पत्ते पर रखकर मीठी रोटी का प्रसाद चढ़ाएं।

गुरु के लिए उपाय

गुरुवार को पांच मोर पंख लेकर आएं। पंख के नीचे पीले रंग का धागा बांध लें। एक थाली में पंखों के साथ पांच सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें।

ऊँ ब्रहस्पते नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- ग्यारह केले बृहस्पति देवता को अर्पित करें।
- बेसन का प्रसाद बनाकर गुरु ग्रह को चढ़ाएं।

शुक्र के लिए उपाय

शुक्रवार को चार मोर पंख लेकर आएं। पंख के नीचे गुलाबी रंग का धागा बांध लेँ। एक थाली में पंखों के साथ चार सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें।

ऊँ शुक्राय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- तीन मीठे पान शुक्र देवता को अर्पित करें।
- गुड़-चने का प्रसाद बना कर चढ़ाएं।

शनि की अशुभ दशा से मुक्ति के लिए

शनिवार को तीन मोर पंख ले कर आएं। पंख के नीचे काले रंग का धागा बांध लें। एक थाली में पंखों के साथ तीन सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें-

ऊँ शनैश्वराय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- तीन मिटटी के दीपक तेल सहित शनि देवता को अर्पित करें।
- गुलाब जामुन या प्रसाद बना कर चढ़ा|

राहु के लिए उपाय

शनिवार को सूर्य उदय से पूर्व दो मोर पंख लेकर आएं। पंख के नीचे भूरे रंग का धागा बांध लें। एक थाली में पंखों के साथ दो सुपारियां रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें...
ऊँ राहवे नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- चौमुखा दीपक जलाकर राहु को अर्पित करें।
- कोई भी मीठा प्रसाद बनाकर चढ़ाएं।

केतु के लिए उपाय

शनिवार को सूर्य अस्त होने के बाद एक मोर पंख लेकर आएं। पंख के नीचे स्लेटी रंग का धागा बांध लें। एक थाली में पंख के साथ एक सुपारी रखें। गंगाजल छिड़कते हुए 21 बार इस मंत्र का जप करें।


ऊँ केतवे नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा:
- पानी के दो कलश भरकर राहु को अर्पित करें।
- फलों का प्रसाद चढ़ाएं।

Thursday, 11 August 2016

Best Astrologer in Patna/Bihar

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       Acharya P.K Yug is the best Astrologer in Patna/Bihar